Trump Ends Quest for Nobel Peace Prize: मुझे नोबेल की परवाह नहीं, डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा यू-टर्न और नॉर्वे के प्रधानमंत्री को तीखी चिट्ठी

Trump Ends Quest for Nobel Peace Prize: मुझे नोबेल की परवाह नहीं, डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा यू-टर्न और नॉर्वे के प्रधानमंत्री को तीखी चिट्ठी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने बयानों से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। मंगलवार, 20 जनवरी 2026 को ट्रंप ने अपने पुराने रुख से पलटते हुए कहा कि उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार की “कोई परवाह नहीं है”। यह बयान इसलिए चौंकाने वाला है क्योंकि पिछले साल तक ट्रंप इस पुरस्कार के लिए न केवल दावेदारी पेश कर रहे थे, बल्कि उन्होंने “आठ युद्धों” को सुलझाने का श्रेय लेते हुए इसके लिए अभियान भी चलाया था।

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब ट्रंप ने नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर को एक पत्र लिखा, जिसमें पुरस्कार न मिलने पर उनकी नाराजगी साफ़ झलक रही थी।

Trump Ends Quest for Nobel Peace Prize: शांति पुरस्कार पर ट्रंप का रुख और नॉर्वे को जवाब

ट्रंप ने अपने पत्र में सीधे तौर पर नॉर्वे के प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि चूंकि उनके देश ने “8 से ज्यादा युद्ध” रोकने के बावजूद उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार नहीं देने का फैसला किया है, इसलिए अब वह “केवल शांति” के बारे में सोचने के लिए बाध्य महसूस नहीं करते। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए तंज कसा कि अगर किसी को लगता है कि नोबेल पुरस्कार पर नॉर्वे की सरकार का नियंत्रण नहीं है, तो वह खुद को धोखा दे रहा है।

हालांकि, नॉर्वे के प्रधानमंत्री स्टोर ने इस पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि नोबेल शांति पुरस्कार का निर्णय नॉर्वे की सरकार नहीं, बल्कि एक स्वतंत्र समिति लेती है।

Trump Ends Quest for Nobel Peace Prize: ग्रीनलैंड पर अधिकार और सुरक्षा का दावा

इस विवाद में सबसे हैरान करने वाला पहलू ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप का बयान रहा। ट्रंप ने अपने पत्र में तर्क दिया कि:

  • दुनिया तब तक सुरक्षित नहीं है जब तक ग्रीनलैंड पर अमेरिका का “पूर्ण और कुल नियंत्रण” न हो।

  • उन्होंने डेनमार्क के स्वामित्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल सैकड़ों साल पहले एक जहाज के वहां पहुंचने से किसी का मालिकाना हक तय नहीं होता।

  • ट्रंप के अनुसार, डेनमार्क इस जमीन की रक्षा रूस या चीन से नहीं कर सकता।

  • उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने नाटो (NATO) के लिए किसी भी अन्य व्यक्ति से ज्यादा काम किया है, इसलिए अब नाटो को ग्रीनलैंड के मुद्दे पर अमेरिका की मदद करनी चाहिए।

Trump Ends Quest for Nobel Peace Prize: मारिया कोरिना मचाडो का समर्थन

एक दिलचस्प घटनाक्रम में, वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो ने पिछले हफ्ते ट्रंप को अपना नोबेल शांति पुरस्कार पदक भेंट किया। उन्हें यह पुरस्कार कुछ महीने पहले ही मिला था। ट्रंप ने इस भाव की सराहना की और इसे एक बेहतरीन महिला का समर्थन बताया।

Trump Ends Quest for Nobel Peace Prize:

ट्रंप का यह बदला हुआ अंदाज और ग्रीनलैंड को लेकर उनकी आक्रामक टिप्पणी अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक नया तनाव पैदा कर सकती है। जहां एक तरफ वह खुद को शांति दूत के रूप में पेश करते रहे हैं, वहीं अब उनका “केवल शांति के बारे में न सोचने” वाला बयान वैश्विक सुरक्षा रणनीतियों पर सवाल खड़े करता है।

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